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Wednesday, November 27, 2013

चौघड़िया (Choudhadiya )

चौघड़िया (Choudhadiya )

किसी भी कार्य को शुभ मुहूर्त या समय पर प्रारंभ किया जाए तो परिणाम अपेक्षित आने की संभावना ज्यादा प्रबल होती है। यह शुभ समय चौघड़िया में देखकर प्राप्त किया जाता है। यहां हमने चौघिड़या देखने की सुविधा उपलब्ध कराई है।

दिन का चौघड़िया
से
तक
रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
6:00 AM
7:30 AM
उद्बेग
अमृत
रोग
लाभ
शुभ
चर
काल
7:30 AM
9:00 AM
चर
काल
उद्बेग
अमृत
रोग
लाभ
शुभ
9:00 AM
10:30 AM
लाभ
शुभ
चर
काल
उद्बेग
अमृत
रोग
10:30 AM
12:00 PM
अमृत
रोग
लाभ
शुभ
चर
काल
उद्बेग
12:00 PM
1:30 PM
काल
उद्बेग
अमृत
रोग
लाभ
शुभ
चर
1:30 PM
3:00 PM
शुभ
चर
काल
उद्बेग
अमृत
रोग
लाभ
3:00 PM
4:30 PM
रोग
लाभ
शुभ
चर
काल
उद्बेग
अमृत
4:30 PM
6:00 PM
उद्बेग
अमृत
रोग
लाभ
शुभ
चर
काल

- शुभ

- अमृत

- लाभ
रात्रि का चौघड़िया

से
तक
रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
6:00 PM
7:30 PM
शुभ
चर
काल
उद्बेग
अमृत
रोग
लाभ
7:30 PM
9:00 PM
अमृत
रोग
लाभ
शुभ
चर
काल
उद्बेग
9:00 PM
10:30 PM
चर
काल
उद्बेग
अमृत
रोग
लाभ
शुभ
10:30 PM
12:00 AM
रोग
लाभ
शुभ
चर
काल
उद्बेग
अमृत
12:00 AM
1:30 AM
काल
उद्बेग
अमृत
रोग
लाभ
शुभ
चर
1:30 AM
3:00 AM
लाभ
शुभ
चर
काल
उद्बेग
अमृत
रोग
3:00 AM
4:30 AM
उद्बेग
अमृत
रोग
लाभ
शुभ
चर
काल
4:30 AM
6:00 AM
शुभ
चर
काल
उद्बेग
अमृत
रोग
लाभ

Monday, November 18, 2013

Bhaye Pragat kripala


भये प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी .
हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी ..

लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी .
भूषन वनमाला नयन बिसाला सोभासिन्धु खरारी ..

कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौं अनंता .
माया गुन ग्यानातीत अमाना वेद पुरान भनंता ..

करुना सुख सागर सब गुन आगर जेहि गावहिं श्रुति संता .
सो मम हित लागी जन अनुरागी भयौ प्रकट श्रीकंता ..

ब्रह्मांड निकाया निर्मित माया रोम रोम प्रति बेद कहै .
मम उर सो बासी यह उपहासी सुनत धीर मति थिर रहै ..

उपजा जब ग्याना प्रभु मुसुकाना चरित बहुत बिधि कीन्ह चहै .
कहि कथा सुहाई मातु बुझाई जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै ..

माता पुनि बोली सो मति डोली तजहु तात यह रूपा .
कीजे सिसुलीला अति प्रियसीला यह सुख परम अनूपा ..

सुनि बचन सुजाना रोदन ठाना होइ बालक सुरभूपा .
यह चरित जे गावहि हरिपद पावहि ते परहिं भवकूपा ..

बिप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार .

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